
सांगला/रिकांगपिआ (किन्नौर)। जिले में 16 और 17 जून को भारी बारिश से हुए नुकसान के आकलन के लिए पहुंची केंद्रीय आपदा प्रबंधन की टीम ने बुधवार को पूह और सांगला क्षेत्र का दौरा किया। क्षेत्र के लोगों ने टीम से गुहार लगाई कि उनके कृषि ऋण को माफ करवा दिया जाए। भारी बारिश के कारण क्षेत्र में किसानों और बागवानों की नकदी फसलें तबाह हो चुकी हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पद पर तैनात वीना कुमारी मीणा की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन की टीम किन्नौर पहुंची है। बुधवार को पूह खंड के स्पीलो, कानम, ज्ञाबुंग, नेसंग तथा पूह का दौरा किया। सांगला में भी नुकसान का जायजा लिया। टीम के साथ उद्यान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। सांगला वैली को जोड़ने वाली कड़छम-सांगला सड़क का भी जायजा लिया। कामरू के प्रभावित क्षेत्र राक्ठालों में लोगों के मकान सहित बगीचों, बाजार के साथ लगने वाले टोंगटोंगचे नाले का दौरा किया। दिल्ली से आई टीम ने प्रभावित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित आम लोगों के साथ बासपा भवन में बातचीत की। प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सड़क के बंद होने से क्षेत्र के लोगों को खाद्य सामग्री की कमी हो रही है। लोगों की नकदी फसल मटर और सेब को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रधान ग्राम पंचायत कामरू सुनीला नेगी, उप प्रधान कामरू रतन मंजरी नेगी, प्रधान सांगला सरोज नेगी ने केंद्रीय टीम से किसानों और बागवानों के लोन माफ करने की मांग की। इस मौके पर डीसी किन्नौर जेएम पठानिया, विशेष सचिव राज्य अमनदीप गर्ग, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह विवेक चंदेल, तहसीलदार सांगला राजपाल भारद्वाज, उद्यान विभाग उप निदेशक डीपी बंगालिया, कृषि विभाग के जिला अधिकारी पीसी ठाकुर, आईपीएच के कनिष्ठ अभियंता अश्वनी कुमार, जिला अध्यक्ष उमेश नेगी, प्रधान सांगला सरोज नेगी,प्रधान कामरू सुनीला नेगी, जिला मुख्य संगठक रत्न लाल, किन्नौर होटल एसोसिएशन जिला अध्यक्ष रघुवीर नेगी, पूर्व जिला युवा अध्यक्ष राकेश लोकटस मौजूद थे।
